Saturday, 6 October 2012


रात काटना और बात है,सुबह होना और बात..

बेखुदी का आलम और बात है,चैन की नींद और बात..



गम भी मुस्कुराने की वजह बनता है कभी कभी ..

गम का होना और बात है,दर्द का होना और बात..



जिन्दगी हो मगर उसका एहसास न हो..

सांसे चलना और बात है,जिन्दा होना और बात..



धड़कन इस कदर खामोश की दिल बेजान लगे..


दिल का धडकना और बात है,ज़स्बात उमड़ना और बात..


जिन्दगी में कभी कुछ मिल के भी नहीं मिलता..
 
तेरा 'होना' और बात है,मेरा होना और बात..

                                         - सुचित