रात काटना और बात है,सुबह होना और बात..
बेखुदी का आलम और बात है,चैन की नींद और बात..
गम भी मुस्कुराने की वजह बनता है कभी कभी ..
गम का होना और बात है,दर्द का होना और बात..
जिन्दगी हो मगर उसका एहसास न हो..
सांसे चलना और बात है,जिन्दा होना और बात..
धड़कन इस कदर खामोश की दिल बेजान लगे..
जिन्दगी में कभी कुछ मिल के भी नहीं मिलता..
तेरा 'होना' और बात है,मेरा होना और बात..
- सुचित
Nice post... welcome to the world of blogger... :)
ReplyDeleteबहुत खूब!
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